लिवर (यकृत) हमारे शरीर का एक अत्यंत महत्वपूर्ण अंग है। यह शरीर को विषैले पदार्थों से मुक्त करने, भोजन को पचाने, ऊर्जा को संग्रहित करने, खून को साफ करने और कई आवश्यक प्रोटीन बनाने का काम करता है। अगर लिवर ठीक से काम न करे, तो पूरे शरीर पर इसका गंभीर प्रभाव पड़ता है। आज की बदलती जीवनशैली, गलत खानपान और शराब के अधिक सेवन के कारण लिवर की बीमारियाँ तेजी से बढ़ रही हैं।
लिवर क्या है और इसका कार्य।
लिवर शरीर का सबसे बड़ा आंतरिक अंग है, जो पेट के दाहिने हिस्से में पसलियों के नीचे स्थित होता है।
लिवर के मुख्य कार्य।
- खून को साफ करना
- पित्त (Bile) बनाना, जिससे पाचन होता है
- प्रोटीन और हार्मोन का निर्माण
- शरीर में शुगर और फैट को संतुलित रखना
- दवाइयों और जहरीले पदार्थों को तोड़ना
लिवर की प्रमुख बीमारियाँ।
1. फैटी लिवर (Fatty Liver Disease)
यह सबसे आम लिवर बीमारी है, जिसमें लिवर में अत्यधिक चर्बी जमा हो जाती है।
प्रकार:
- अल्कोहॉलिक फैटी लिवर (शराब से)
- नॉन-अल्कोहॉलिक फैटी लिवर (मोटापा, डायबिटीज से)
2. हेपेटाइटिस (Hepatitis)
यह लिवर की सूजन (Inflammation) की बीमारी है।
प्रकार:
- हेपेटाइटिस A
- हेपेटाइटिस B
- हेपेटाइटिस C
- हेपेटाइटिस D और E
3. सिरोसिस (Cirrhosis)
यह लिवर की गंभीर अवस्था है, जिसमें लिवर के टिश्यू खराब हो जाते हैं और उनकी जगह सख्त टिश्यू बन जाता है।
4. लिवर कैंसर
लंबे समय से चली आ रही लिवर बीमारी से लिवर कैंसर हो सकता है।
5. पीलिया (Jaundice)
पीलिया खुद बीमारी नहीं, बल्कि लिवर खराब होने का लक्षण है।
लिवर की बीमारियों के सामान्य लक्षण।
लिवर की बीमारी शुरू में बिना लक्षणों के भी हो सकती है, लेकिन धीरे-धीरे निम्न लक्षण दिखाई देने लगते हैं:
- थकान और कमजोरी
- भूख न लगना
- वजन कम होना
- उल्टी और मतली
- पेट के दाहिने हिस्से में दर्द
- आंखों और त्वचा का पीला पड़ना
- पेशाब का गहरा रंग
- पैरों और पेट में सूजन
- खुजली
- बार-बार बुखार
लिवर की बीमारियों के मुख्य कारण।
1. अत्यधिक शराब का सेवन
लगातार शराब पीने से लिवर की कोशिकाएं नष्ट हो जाती हैं।
2. गलत खानपान
- ज्यादा तला-भुना खाना
- जंक फूड
- अधिक चीनी और फैट
3. मोटापा और डायबिटीज
मोटापा फैटी लिवर का मुख्य कारण है।
4. वायरल संक्रमण
हेपेटाइटिस वायरस लिवर को नुकसान पहुंचाते हैं।
5. दवाइयों का अधिक सेवन
कुछ दर्द निवारक और एंटीबायोटिक दवाइयाँ लिवर को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
6. जहरीले पदार्थ
केमिकल्स और प्रदूषण भी लिवर पर असर डालते हैं।
लिवर की बीमारियों की जांच।
- ब्लड टेस्ट (LFT – Liver Function Test)
- अल्ट्रासाउंड
- सीटी स्कैन / एमआरआई
- लिवर बायोप्सी
- हेपेटाइटिस टेस्ट
लिवर की बीमारियों का इलाज।
लिवर की बीमारी का इलाज उसके कारण और अवस्था पर निर्भर करता है।
1. जीवनशैली में बदलाव
- शराब पूरी तरह बंद करें
- वजन नियंत्रित रखें
- रोजाना व्यायाम करें
- धूम्रपान से बचें
2. संतुलित आहार
- हरी सब्जियाँ और फल
- साबुत अनाज
- कम तेल और कम मसाले
- पर्याप्त पानी
3. दवाइयों द्वारा इलाज
- हेपेटाइटिस के लिए एंटीवायरल दवाएँ
- सूजन कम करने की दवाएँ
- डॉक्टर की सलाह से ही दवा लें
4. आयुर्वेदिक और घरेलू उपाय (डॉक्टर से पूछकर)
- आंवला
- हल्दी
- गिलोय
- एलोवेरा
5. लिवर ट्रांसप्लांट
अगर लिवर पूरी तरह खराब हो जाए, तो अंतिम विकल्प लिवर ट्रांसप्लांट होता है।
लिवर को स्वस्थ रखने के उपाय।
- शराब से दूरी
- हेल्दी डाइट
- नियमित योग और व्यायाम
- हेपेटाइटिस का टीकाकरण
- समय-समय पर स्वास्थ्य जांच
कब डॉक्टर से संपर्क करें?
अगर निम्न लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से मिलें।
- आंखों का पीला होना
- पेट में तेज दर्द
- अत्यधिक कमजोरी
- खून की उल्टी
- बेहोशी